surya grahan 2025 mein kab lagega

Surya Grahan 2025 Mein Kab Lagega – तारीख, समय, सूतक काल और पूरी जानकारी

User avatar placeholder
Written by sarfarosh news

September 17, 2025

सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, और लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि Surya Grahan 2025 Mein Kab Lagega। यह घटना हमेशा से ही जिज्ञासा और धार्मिक मान्यता का विषय रही है। जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी कुछ समय के लिए ढक जाती है, तो इसे सूर्य ग्रहण कहते हैं। साल 2025 में कई बड़ी खगोलीय घटनाएँ होंगी, जिनमें सूर्य ग्रहण भी शामिल है। बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि Surya Grahan 2025 mein kab lagega, भारत में यह कब दिखाई देगा और इसका धार्मिक व ज्योतिषीय महत्व क्या होगा।

इस आर्टिकल में हम आपको सूर्य ग्रहण 2025 की तारीख, समय, सूतक काल, वैज्ञानिक कारण, धार्मिक मान्यता और इससे जुड़ी सावधानियों की पूरी जानकारी विस्तार से देंगे।

Surya Grahan 2025 Mein Kab Lagega?

साल 2025 में कुल दो सूर्य ग्रहण लगेंगे। यहाँ हम आपको इन दोनों ग्रहणों की पूरी जानकारी दे रहे हैं।

पहला सूर्य ग्रहण

पहला सूर्य ग्रहण मार्च के महीने में था । जो की  एक आंशिक सूर्य ग्रहण था , जो मुख्य रूप से यूरोप और उत्तरी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखाई दिया था । भारत में यह ग्रहण आंशिक रूप से ही दिखाई दिया था , इसलिए यहाँ इसका सूतक काल भी प्रभावी नहीं था ।

  • तारीख: 29 मार्च 2025 (शनिवार)
  • प्रकार: आंशिक सूर्य ग्रहण (Partial Solar Eclipse)
  • भारत में दृश्यता: आंशिक रूप से कुछ क्षेत्रों में
  • अवधि: यह ग्रहण भारतीय समयानुसार शाम 04:08 बजे से शाम 05:43 बजे तक था ।

दूसरा सूर्य ग्रहण

साल का दूसरा सूर्य ग्रहण सितंबर में होगा। यह भी एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। यह मुख्य रूप से न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और अंटार्कटिका में दिखाई देगा। भारत में यह ग्रहण भी दिखाई नहीं देगा।

  • तारीख: 21 सितंबर 2025 (रविवार)
  • प्रकार: आंशिक सूर्य ग्रहण (Partial Solar Eclipse)
  • भारत में दृश्यता: कुछ हिस्सों में
  • अवधि: भारतीय समयानुसार यह ग्रहण सुबह 06:15 बजे से सुबह 07:45 बजे तक रहेगा।

तो इसका मतलब है कि साल 2025 में दो बार सूर्य ग्रहण लगेगा, और लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि Surya Grahan 2025 mein kab lagega aur India mein kaise dikhai dega

Surya Grahan 2025 Mein Sutak Kaal Kab Lagega ?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, सूर्य ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस समय को अशुभ माना जाता है और इस दौरान पूजा-पाठ, भोजन पकाने और खाने पर रोक होती है। सूतक काल ग्रहण की समाप्ति के साथ ही खत्म होता है।

  • 29 मार्च 2025 ग्रहण का सूतक काल: यह ग्रहण भारत में आंशिक रूप से ही दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा।
  • 21 सितंबर 2025 ग्रहण का सूतक काल: यह ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी प्रभावी नहीं होगा।

👉 सूतक काल में गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानियां रखी जाती हैं। उन्हें घर से बाहर निकलने से मना किया जाता है और खाने-पीने से भी बचना चाहिए।

Surya Grahan 2025 Ka Jyotish Mahatv

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण को एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना के रूप में देखा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के द्वारा Surya Grahan Kab Lagega इसकी सटीक जानकारी, ज्योतिष विद्वानों द्वारा पहले ही दे दी जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार , इसे ग्रहों की ऊर्जा में बदलाव से जोड़ा जाता है, जिसका सीधा असर मनुष्य के जीवन पर पड़ता है।

surya grahan 2025 mein kab lagega
surya grahan 2025 mein kab lagega

  • राशियों पर प्रभाव: ज्योतिषियों का मानना है कि ग्रहण का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग होगा। मेष, सिंह और तुला राशि के जातकों पर इसका विशेष प्रभाव होगा।
  • सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव: कुछ राशियों के लिए यह सकारात्मक फल देगा, वहीं कुछ राशियों को सावधानी बरतनी होगी।
  • ग्रहण काल में उपाय: ज्योतिष के अनुसार, ग्रहण काल में मंत्र जाप, दान और ध्यान करने से इसके अशुभ प्रभावों को कम किया जा सकता है और शुभ फल प्राप्त किया जा सकता है।

Surya Grahan 2025 Ke Samay Kya Karen Aur Kya Na Karen

ग्रहण के दौरान कुछ कामों को करना शुभ माना जाता है, जबकि कुछ से बचना चाहिए।

✅ क्या करना चाहिए

  • मंत्र जाप: ग्रहण काल में सूर्य मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र, और गायत्री मंत्र का जाप करना बहुत शुभ होता है।
  • दान: ग्रहण के बाद गरीबों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करना चाहिए।
  • स्नान: ग्रहण समाप्त होने के बाद पवित्र नदियों में स्नान करना या घर में ही गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए।
  • ध्यान: इस समय ध्यान और पूजा-पाठ करने से मानसिक शांति मिलती है।

❌ क्या नहीं करना चाहिए

  • भोजन और पानी: ग्रहण काल में भोजन पकाने और खाने से बचना चाहिए।
  • यात्रा: इस दौरान यात्रा या किसी भी नए कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए।
  • खुली आँखों से देखना: ग्रहण को कभी भी नंगी आँखों से नहीं देखना चाहिए, क्योंकि इससे आँखों को नुकसान हो सकता है।

Surya Grahan 2025 Ki Scientific Jankari

वैज्ञानिक दृष्टि से सूर्य ग्रहण एक ऐसी घटना है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी कुछ समय के लिए पृथ्वी तक नहीं पहुँच पाती।

  • सूर्य ग्रहण क्यों होता है? यह खगोलीय घटना तब होती है जब चंद्रमा, अपनी कक्षा में घूमते हुए, सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है। इससे सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर पड़ने से रुक जाता है, और हमें सूर्य पूरी तरह या आंशिक रूप से ढका हुआ दिखाई देता है।
  • ग्रहण के प्रकार: 2025 में दोनों ही ग्रहण आंशिक सूर्य ग्रहण होंगे, जिसका मतलब है कि चंद्रमा सूर्य के केवल एक हिस्से को ही ढक पाएगा।
  • अवधि: यह घटना केवल कुछ ही मिनटों तक चलेगी।

 Surya Grahan 2025 Ki Dharmik Manyata Aur Upay

हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण को एक महत्वपूर्ण घटना माना जाता है। मान्यता है कि यह राहु-केतु के प्रभाव से होता है।

  • मंत्र और जाप: ग्रहण के दौरान गायत्री मंत्र और राम नाम का जाप करने से अशुभ प्रभाव कम होते हैं।
  • शुद्धिकरण: ग्रहण के बाद स्नान करके घर को शुद्ध करना चाहिए।
  • दान: गरीबों को अन्न और वस्त्र दान करना बहुत शुभ माना जाता है।

❓ FAQ – Surya Grahan 2025

Q1: Surya Grahan 2025 mein kab lagega India mein?

👉 साल 2025 में दो सूर्य ग्रहण लगेंगे – 29 मार्च और 21 सितंबर को। ये दोनों ही ग्रहण भारत में आंशिक रूप से दिखाई देंगे।

Q2: 2025 mein Surya Grahan kitne honge?

👉 साल 2025 में कुल 2 सूर्य ग्रहण होंगे।

Q3: Surya Grahan ke samay kya karna chahiye?

👉 मंत्र जाप, ध्यान और दान करना चाहिए।

Q4: Surya Grahan ke samay khana khana chahiye kya?

👉 धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल में भोजन नहीं करना चाहिए।

Conclusion

साल 2025 में सूर्य ग्रहण दो बार लगेगा – पहला 29 मार्च और दूसरा 21 सितंबर को। यह दोनों ही ग्रहण भारत में आंशिक रूप से दिखेंगे। लोगों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि Surya Grahan 2025 mein kab lagega, और इस आर्टिकल में हमने आपको इसकी तारीख, समय, सूतक काल, धार्मिक महत्व और वैज्ञानिक कारण की पूरी जानकारी दी है।

👉 ध्यान रखें कि सूर्य ग्रहण केवल एक खगोलीय घटना ही नहीं है, बल्कि धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

Image placeholder

Lorem ipsum amet elit morbi dolor tortor. Vivamus eget mollis nostra ullam corper. Pharetra torquent auctor metus felis nibh velit. Natoque tellus semper taciti nostra. Semper pharetra montes habitant congue integer magnis.

Leave a Comment