गोगा नवमी 2025: तिथि, पूजा विधि और व्रत कथा पूरी जानकारी

गोगा नवमी 2025: आसान पूजा विधि, शुभ समय और चमत्कारी कथा यहां पढ़ें

User avatar placeholder
Written by sarfarosh news

August 6, 2025

गोगा नवमी क्या है और क्यों मनाई जाती है?

गोगा नवमी 2025: तिथि, पूजा विधि और व्रत कथा की पूरी जानकारी उन भक्तों के लिए बेहद महत्वपूर्ण विषय है, जो इस पावन पर्व को सही विधि से मनाना चाहते हैं। गोगा नवमी का त्यौहार, जिसे जाहरवीर गोगा जी के जन्मोत्सव के रूप में भी जाना जाता है, भारत के सबसे प्रसिद्ध लोक पर्वों में से एक है। यह विशेष रूप से राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में श्रद्धा से मनाया जाता है।

गोगा नवमी व्रत कथा

इस दिन नागों के देवता गोगा जी की पूजा की जाती है ताकि वे अपने भक्तों को सांपों के काटने और भय से रक्षा प्रदान करें। यह त्यौहार धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है।

अगर आप जानना चाहते हैं कि गोगा नवमी 2025 कब है, पूजा विधि क्या है, और इसके पीछे की धार्मिक व्रत कथा क्या है, तो यह लेख आपके लिए है। हमने इसमें गोगा नवमी 2025: तिथि, पूजा विधि और व्रत कथा की पूरी जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत किया है।

गोगा नवमी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त

गोगा नवमी हर वर्ष भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। गोगा नवमी 2025 में यह पर्व 17 अगस्त, रविवार को मनाया जाएगा। यह दिन रविवार का होने के कारण और भी शुभ माना जा रहा है।

  • नवमी तिथि का आरंभ: 16 अगस्त 2025, शनिवार – रात 9:35 बजे
  • नवमी तिथि का समापन: 17 अगस्त 2025, रविवार – शाम 7:24 बजे
  • पूजा का श्रेष्ठ समय: सुबह 6:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक

गोगा नवमी की पूजा विधि: बहुत ही आसान तरीका

गोगा नवमी 2025: तिथि, पूजा विधि और व्रत कथा की पूरी जानकारी को समझते हुए आप घर पर ही सरल विधि से पूजा कर सकते हैं:

गोगा नवमी 2025: तिथि, पूजा विधि और व्रत कथा

  1. सुबह जल्दी उठें और स्नान करें – गोगा नवमी पर साफ-सुथरे वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
  2. पूजा स्थल तैयार करें – एक स्वच्छ स्थान पर गोगा जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। यदि मूर्ति उपलब्ध न हो तो गोबर से मूर्ति बनाएं या दीवार पर घोड़े पर बैठे गोगा जी का चित्र बनाएं।
  3. सामग्री एकत्र करें – जैसे: रोली, अक्षत (चावल), फूल, धूप, दीपक, गुड़, चने की दाल, और प्रसाद।
  4. प्रसाद की तैयारी करें – खीर, चूरमा, गुलगुले, और अठावरी (मीठे पराठे) बनाकर भोग लगाएं।
  5. पूजन विधि – गोगा जी को रोली-अक्षत से तिलक करें, फूल अर्पित करें और दीप जलाएं।
  6. राखी चढ़ाने की परंपरा – कई क्षेत्रों में रक्षाबंधन पर बाँधी गई राखी को इस दिन गोगा जी को चढ़ाया जाता है।
  7. व्रत कथा का श्रवण करें – परिवार सहित बैठकर गोगा नवमी की व्रत कथा अवश्य सुनें।
  8. घोड़ों को दाल खिलाएं – क्योंकि गोगा जी का वाहन नीला घोड़ा था। यदि संभव न हो तो किसी जानवर को भोजन कराना शुभ माना जाता है।
  9. प्रार्थना और क्षमा याचना करें – अंत में गोगा जी से परिवार की रक्षा और सुख-शांति की कामना करें।

गोगा नवमी की व्रत कथा: जाहरवीर गोगा जी की कहानी

गोगा नवमी 2025: तिथि, पूजा विधि और व्रत कथा की पूरी जानकारी तभी पूरी मानी जाती है जब आप गोगा जी की कथा को जानें।

गोगा जी का जन्म राजस्थान के ददरेवा गाँव में हुआ था। उनकी माता बाछल देवी, जो निसंतान थीं, ने गोरखनाथ जी की तपस्या कर एक गूगल फल प्राप्त किया। फल खाने से उन्हें एक वीर पुत्र की प्राप्ति हुई, जिसका नाम गोगा रखा गया।

गोगा जी में अलौकिक शक्तियां थीं और वह सांपों को वश में कर लेते थे, इसलिए उन्हें नागों का देवता भी कहा जाता है। उनके दो सौतेले भाई अर्जन और सर्जन उनसे ईर्ष्या रखते थे। एक दिन उन्होंने गोगा जी की गायें चुरा लीं और गोगा जी की कथा में ये भी बताते है कि गोगा जी पर बाहरी राजा के साथ मिल कर उन्होंने हमला कर दिया था । उसी लड़ाई में उनकी मुलाकात बाबा सबल सिंह बावरी से और उनके बाकि चार भाइयो से हुए थे। बाबा सबल सिंह बावरी और उनके भाई भी अपार और अलौकिक शक्तियों से भरपूर थे। इनके बारे में भी अलग कथा है। अब ये भी गोगा जी के साथ ही पूजे जाते है। गोगा जाहरवीर जी के वजीर का नाम नहर सिंह है। ये भी गोगा जी के साथ पूजे जाते है। गोगा जी ने धर्म की रक्षा करते हुए युद्ध किया और उन्हें हराया। तभी से उन्हें ‘जाहरवीर’ कहा जाने लगा।

उनकी कहानियाँ आज भी राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में बड़े श्रद्धा भाव से सुनाई जाती हैं। हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय उन्हें पूजते हैं – मुस्लिम समुदाय उन्हें ‘गोगा पीर’ कहते हैं।

गोगा नवमी 2025 का महत्व: इस दिन क्यों करें पूजा?

गोगा नवमी 2025 का महत्व

🐍 सांपों से सुरक्षा – गोगा जी की पूजा करने से सर्प दोष से मुक्ति मिलती है।

👶 संतान प्राप्ति की कामना – संतान की इच्छा रखने वाली महिलाएं व्रत करती हैं।

💰 धन-समृद्धि और सुख-शांति – परिवार में खुशहाली आती है।

🧘 बीमारियों से मुक्ति – रोगों से छुटकारा पाने की मान्यता है।

गोगा जी के प्रमुख मंदिर – दर्शन के लिए गाइड

गोगामेड़ी मंदिर (हनुमानगढ़, राजस्थान) – यह गोगा जी का समाधि स्थल है

ददरेवा मंदिर (चुरू, राजस्थान) – यह गोगा जी की जन्मस्थली है

गूगल मैप पर सर्च करें: “Goga Ji Mandir near me”, Gogamedi live location

Gogamedi गोगा मेडी Rajasthan live location on Google map

गोगामेड़ी मंदिर (हनुमानगढ़, राजस्थान)

https://bit.ly/4mqiWp9 live location gogamedi Rajasthan

गोगा जहारवीर जी के मंदिर की LIve Location जो google map की सहायता से आपको गोगा जी के मंदिर तक ले जाए गए । बिना किसी परेशानी से आपको दरबार तक पहुंचा देगी ।

निष्कर्ष: गोगा नवमी 2025 की तैयारी कैसे करें?


गोगा नवमी 2025 का त्यौहार एक ऐसा मौका है जब हम अपनी आस्था और भक्ति को प्रकट कर सकते हैं। यह दिन हमें याद दिलाता है कि सच्चाई और बहादुरी हमेशा जीतती है। इस साल 17 अगस्त को गोगा जी की पूजा करें, उनकी कथा सुनें, और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन को सुख और शांति से भर लें।

Q1: गोगा नवमी पर क्या करना चाहिए?

सुबह स्नान कर पूजा करें, कथा सुनें, और प्रसाद चढ़ाएं।

Q2: गोगा जी की कथा कहां सुनें?

घर पर पढ़ें या YouTube व अन्य वेबसाइटों पर सुन सकते हैं।

Q3: क्या व्रत जरूरी है?

हाँ, कई भक्त गोगा नवमी का व्रत रखते हैं। आप अपनी इच्छा और क्षमता के अनुसार व्रत रख सकते हैं।

Q4: गोगा नवमी मेला कहां लगता है?

गोगा नवमी पर राजस्थान के गोगामेड़ी और हनुमानगढ़, तथा हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बड़े मेले लगते हैं।

Q5: गोगा जी के प्रमुख मंदिर कहां हैं?

गोगा जी के दो प्रमुख मंदिर हैं, जो लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र हैं:
गोगामेड़ी (Hanumangarh, Rajasthan): यह गोगा जी का समाधि स्थल है और उनका सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। इसे “धुरमेड़ी” के नाम से भी जाना जाता है।
ददरेवा (Churu, Rajasthan): यह गोगा जी की जन्मस्थली है और इसे “शीर्ष मेड़ी” भी कहते हैं।

Q6. Gogamedi गोगामेडी Rajasthan live location on Google map

गोगा जहारवीर जी के मंदिर की LIve Location जो google map की सहायता से आपको गोगा जी के मंदिर तक ले जाए गए । बिना किसी परेशानी से आपको दरबार तक पहुंचा देगी ।

Q7. गोगा जाहरवीर जी सवारी कौन सी है ।

गोगा जाहरवीर जी सवारी नीला घोडा है।

Q8. गोगा जाहरवीर जी के गुरु कौन है।

गोगा जाहरवीर जी के गुरु बाबा गोरखनाथ जी है।

गोगा जाहरवीर जी के माता और पिता के नाम क्या है।

गोगा जाहरवीर जी के माता का नाम बाछल और पिता का नाम राजा जेवर सिंह।

गोगा जाहरवीर जी के दादा ही नाम क्या था ?

गोगा जाहरवीर जी का नाम राजा उमर सिंह था।

Image placeholder

Lorem ipsum amet elit morbi dolor tortor. Vivamus eget mollis nostra ullam corper. Pharetra torquent auctor metus felis nibh velit. Natoque tellus semper taciti nostra. Semper pharetra montes habitant congue integer magnis.

Leave a Comment